सूरह अत-तकासुर (प्रतिस्पर्धा) سُورَة التكاثر

सूरह अत-तकासुर क़ुरआन की एकसौ दूसरी सूरह है, जो मक्का में अवतरित हुई। इसमें 8 आयतें हैं और इसमें धन, सम्पत्ति और दुनिया की दौड़ के प्रति इंसान की लालच पर चर्चा की गई है।

सूरह अत-तकासुर (संपत्ति में प्रतिस्पर्धा) — سُورَةُ التكاثر

जिसे यह भी कहा जाता है: Alhākumu al-Takāthur (बहुतायत की होड़ ने तुम्हें व्यस्त कर दिया), al-Maqbarah (कब्रिस्तान)

أَلْهَاكُمُ التَّكَاثُرُ ١ i

102:१

तुम्हें एक-दूसरे के मुक़ाबले में बहुतायत के प्रदर्शन और घमंड ने ग़फ़़लत में डाल रखा है, (१)

كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ الْيَقِينِ ٥ i

102:५

कुछ नहीं, अगर तुम विश्वसनीय ज्ञान के रूप में जान लो! (तो तुम धन-दौलत के पुजारी न बनो) - (५)