सूरह अन-नास (लोग) سُورَة الناس

सूरह अन-नास क़ुरआन की एकसौ चौदहवीं सूरह है, जो मक्का में अवतरित हुई। इसमें 6 आयतें हैं और इसमें अल्लाह से शरण लेने, बुराई और शैतान से बचने की प्रार्थना की गई है।

सूरह अन-नास (मनुष्य) — سُورَةُ الناس

जिसे यह भी कहा जाता है: Qul Aʿūdhu bi-Rabbi al-Nās (कहो: मैं इंसानों के रब की शरण लेता हूँ), al-Muʿawidhatayn (सूरत अल-फलक के साथ), al-Muqashqishatān (सूरत अल-फलक के साथ)