सूरह अल-फील (हाथी) — سُورَةُ الفيل
जिसे यह भी कहा जाता है:
Alam Tara Kayfa (क्या तुमने नहीं देखा कैसे)
أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصْحَابِ الْفِيلِ i
क्या तुमने देखा नहीं कि तुम्हारे रब ने हाथीवालों के साथ कैसा बरताव किया? (१)
أَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِي تَضْلِيلٍ i
क्या उसने उनकी चाल को अकारथ नहीं कर दिया? (२)
وَأَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا أَبَابِيلَ i
और उनपर नियुक्त होने को झुंड के झुंड पक्षी भेजे, (३)
تَرْمِيهِمْ بِحِجَارَةٍ مِنْ سِجِّيلٍ i
उनपर कंकरीले पत्थर मार रहे थे (४)
فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍ مَأْكُولٍ i
अन्ततः उन्हें ऐसा कर दिया, जैसे खाने का भूसा हो (५)