सूरह अल-हुमज़ा (निंदा करने वाला) — سُورَةُ الهمزة
जिसे यह भी कहा जाता है:
al-Ḥuṭamah (कुचलने वाली), Wayl li Kull Humazah (हर निंदा करने वाले के लिए विनाश)
وَيْلٌ لِكُلِّ هُمَزَةٍ لُمَزَةٍ i
104:१तबाही है हर कचो के लगानेवाले, ऐब निकालनेवाले के लिए, (१)
الَّذِي جَمَعَ مَالًا وَعَدَّدَهُ i
104:२जो माल इकट्ठा करता और उसे गिनता रहा (२)
يَحْسَبُ أَنَّ مَالَهُ أَخْلَدَهُ i
104:३समझता है कि उसके माल ने उसे अमर कर दिया (३)
كَلَّا ۖ لَيُنْبَذَنَّ فِي الْحُطَمَةِ i
104:४कदापि नहीं, वह चूर-चूर कर देनेवाली में फेंक दिया जाएगा, (४)
وَمَا أَدْرَاكَ مَا الْحُطَمَةُ i
104:५और तुम्हें क्या मालूम कि वह चूर-चूर कर देनेवाली क्या है? (५)
نَارُ اللَّهِ الْمُوقَدَةُ i
104:६वह अल्लाह की दहकाई हुई आग है, (६)
الَّتِي تَطَّلِعُ عَلَى الْأَفْئِدَةِ i
104:७जो झाँक लेती है दिलों को (७)
إِنَّهَا عَلَيْهِمْ مُؤْصَدَةٌ i
104:८वह उनपर ढाँककर बन्द कर दी गई होगी, (८)
فِي عَمَدٍ مُمَدَّدَةٍ i
104:९लम्बे-लम्बे स्तम्भों में (९)