सूरह क़ुरैश (क़ुरैश) — سُورَةُ قريش
जिसे यह भी कहा जाता है:
Li-Ilāfi Quraysh (कुरैश की आदत के लिए), al-Ilāf (संधि)
لِإِيلَافِ قُرَيْشٍ i
कितना है क़ुरैश को लगाए और परचाए रखना, (१)
إِيلَافِهِمْ رِحْلَةَ الشِّتَاءِ وَالصَّيْفِ i
लगाए और परचाए रखना उन्हें जाड़े और गर्मी की यात्रा से (२)
فَلْيَعْبُدُوا رَبَّ هَٰذَا الْبَيْتِ i
अतः उन्हें चाहिए कि इस घर (काबा) के रब की बन्दगी करे, (३)
الَّذِي أَطْعَمَهُمْ مِنْ جُوعٍ وَآمَنَهُمْ مِنْ خَوْفٍ i
जिसने उन्हें खिलाकर भूख से बचाया और निश्चिन्तता प्रदान करके भय से बचाया (४)