सूरह अल-कौसर (प्रचुरता) — سُورَةُ الكوثر
जिसे यह भी कहा जाता है:
al-Naḥr (कुर्बानी)
إِنَّا أَعْطَيْنَاكَ الْكَوْثَرَ i
निश्चय ही हमने तुम्हें कौसर प्रदान किया, (१)
فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَانْحَرْ i
अतः तुम अपने रब ही के लिए नमाज़ पढ़ो और (उसी के दिन) क़़ुरबानी करो (२)
إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ الْأَبْتَرُ i
निस्संदेह तुम्हारा जो वैरी है वही जड़कटा है (३)