सूरह अद-दुहा (सुबह) سُورَة الضحى

सूरह अद-दुहा क़ुरआन की तिरानवेवीं सूरह है, जो मक्का में अवतरित हुई। इसमें 11 आयतें हैं और इसमें अल्लाह की कृपा, धैर्य और मुश्किलों का सामना करने के बारे में चर्चा की गई है।

सूरह अद-दुहा (प्रभात का उजाला) — سُورَةُ الضحى

وَلَلْآخِرَةُ خَيْرٌ لَكَ مِنَ الْأُولَىٰ ٤ i

93:४

और निश्चय ही बाद में आनेवाली (अवधि) तुम्हारे लिए पहलेवाली से उत्तम है (४)

وَلَسَوْفَ يُعْطِيكَ رَبُّكَ فَتَرْضَىٰ ٥ i

93:५

और शीघ्र ही तुम्हारा रब तुम्हें प्रदान करेगा कि तुम प्रसन्न हो जाओगे (५)