Landscape MP4 Vertical MP4

सूरह हूद — आयत 78 (हिन्दी) — वीडियो

हूद • आयत 78 में से 123 • हिन्दी


وَجَاءَهُ قَوْمُهُ يُهْرَعُونَ إِلَيْهِ وَمِنْ قَبْلُ كَانُوا يَعْمَلُونَ السَّيِّئَاتِ ۚ قَالَ يَا قَوْمِ هَٰؤُلَاءِ بَنَاتِي هُنَّ أَطْهَرُ لَكُمْ ۖ فَاتَّقُوا اللَّهَ وَلَا تُخْزُونِ فِي ضَيْفِي ۖ أَلَيْسَ مِنْكُمْ رَجُلٌ رَشِيدٌ 78
अनुवाद:
उसकी क़ौम के लोग दौड़ते हुए उसके पास आ पहुँचे। वे पहले से ही दुष्कर्म किया करते थे। उसने कहा, "ऐ मेरी क़ौम के लोगो! ये मेरी (क़ौम की) बेटियाँ (विधिवत विवाह के लिए) मौजूड है। ये तुम्हारे लिए अधिक पवित्र है। अतः अल्लाह का डर रखो और मेरे अतिथियों के विषय में मुझे अपमानित न करो। क्या तुममें एक भी अच्छी समझ का आदमी नहीं?" हूद ११:७८
तफ़सीर:
और लूत की जाति के लोग उनके अतिथियों के साथ कुकर्म के इरादे से दौड़ते हुए लूत के पास आए। और वे इससे पूर्व महिलाओं को छोड़कर पुरुषों से यौन संबंध बनाते थे। लूत ने अपनी जाति के लोगों को हटाते हुए और अपने अतिथियों के समक्ष अपना उज़्र दर्शाते हुए कहा : ये तुम्हारी महिलाओं में से मेरी बेटियाँ हैं, इसलिए इनसे शादी कर लो। ये तुम्हारे लिए बेह़याई के कार्य से अधिक पवित्र हैं। अतः तुम अल्लाह से डरो और मुझे अपने अतिथियों के संबंध में लज्जित न करो। (ऐ लोगो!) क्या तुम्हारे अंदर कोई अच्छे दिमाग का आदमी नहीं है, जो तुम्हें इस घृणित कार्य से रोक सके?
X Facebook Minutemailer Stellar WhatsApp Reddit
पूरी सूरह का वीडियो देखें
पूर्व हूद • आयत 77 अगला हूद • आयत 79