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सूरह इब्राहीम — आयत 21 (हिन्दी) — वीडियो

इब्राहीम • आयत 21 में से 52 • हिन्दी


وَبَرَزُوا لِلَّهِ جَمِيعًا فَقَالَ الضُّعَفَاءُ لِلَّذِينَ اسْتَكْبَرُوا إِنَّا كُنَّا لَكُمْ تَبَعًا فَهَلْ أَنْتُمْ مُغْنُونَ عَنَّا مِنْ عَذَابِ اللَّهِ مِنْ شَيْءٍ ۚ قَالُوا لَوْ هَدَانَا اللَّهُ لَهَدَيْنَاكُمْ ۖ سَوَاءٌ عَلَيْنَا أَجَزِعْنَا أَمْ صَبَرْنَا مَا لَنَا مِنْ مَحِيصٍ 21
अनुवाद:
सबके सब अल्लाह के सामने खुलकर आ जाएँगे तो कमज़ोर लोग, उन लोगों से जो बड़े बने हुए थे, कहेंगे, "हम तो तुम्हारे पीछे चलते थे। तो क्या तुम अल्लाह की यातना में से कुछ हमपर टाल सकते हो? वे कहेंगे, "यदि अल्लाह हमें मार्ग दिखाता तो हम तुम्हें भी दिखाते। अब यदि हम व्याकुल हों या धैर्य से काम लें, हमारे लिए बराबर है। हमारे लिए बचने का कोई उपाय नहीं।" इब्राहीम १४:२१
तफ़सीर:
नियत समय के दिन लोग अपनी क़ब्रों से उठकर अल्लाह के सामने उपस्थित होंगे। उस समय कमज़ोर अनुयायी अपने सरदारों से कहेंगे : (ऐ सरदारो!) हम तुम्हारे अनुयायी थे। तुम्हारे आदेश का पानल करते और तुम्हारे मना किए हुए कार्य से दूर रहते थे। तो क्या तुम हमें अल्लाह की यातना से कुछ भी बचा सकते हो? तो उनके सरदार करेंगे : यदि अल्लाह ने हमें हिदायत की तौफ़ीक़ प्रदान की होती, तो हम तुम्हें अवश्य उसका मार्ग दिखाते। फिर हम सभी उसकी यातना से बच जाते। लेकिन हम गुमराह हो गए, तो हमने तुम्हें भी गुमराह कर दिया। अब हमारे और तुम्हारे लिए बराबर है कि हम यातना सहन करने सो कमज़ोर हो जाएँ या धैर्य से काम लें। हमारे लिए यातना से भागने की कोई जगह नहीं है।
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