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सूरह अन-नहल — आयत 12 (हिन्दी) — वीडियो

अन-नहल • आयत 12 में से 128 • हिन्दी


وَسَخَّرَ لَكُمُ اللَّيْلَ وَالنَّهَارَ وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ ۖ وَالنُّجُومُ مُسَخَّرَاتٌ بِأَمْرِهِ ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِقَوْمٍ يَعْقِلُونَ 12
अनुवाद:
और उसने तुम्हारे लिए रात और दिन को और सूर्य और चन्द्रमा को कार्यरत कर रखा है। और तारे भी उसी की आज्ञा से कार्यरत है - निश्चय ही इसमें उन लोगों के लिए निशानियाँ है जो बुद्धि से काम लेते है- अन-नहल १६:१२
तफ़सीर:
और अल्लाह ने रात को तुम्हारे लिए अधीन कर दिया है, ताकि उसमें चैन और आराम करो, और दिन को भी (अधीन कर दिया है), ताकि उसमें जीवन यापन के लिए कमाई करो। और सूर्य को तुम्हारे लिए अधीन कर दिया है और उसे रोशनी का भंडार बनाया है, और चाँद को भी अधीन कर दिया है और उसे चमकदार बनाया है। तथा तारे उसके आदेश से तुम्हारे लिए अधीन कर दिए गए हैं, जिनके द्वारा तुम जल और थल के अंधेरों में रास्ता पाते हो तथा समय की जानकारी करते हो। इन समस्त चीज़ों को वशीभूत करने में, उन लोगों के लिए अल्लाह की शक्ति की स्पष्ट निशानियाँ हैं, जो अपनी बुद्धि और विवेक से काम लेते हैं। चुनाँचे वही लोग उनकी हिकमत को समझते हैं।
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