कह दो, "सत्य आ गया और असत्य मिट गया; असत्य तो मिट जानेवाला ही होता है।" अल-इसरा १७:८१ ⧉
तफ़सीर:
और (ऐ रसूल) आप इन मुश्रिकों से कह दीजिए : इस्लाम आ गया और अल्लाह ने उसकी मदद का जो वादा किया था, पूरा हुआ। तथा शिर्क और कुफ़्र मिट गए। निश्चित रूप से असत्य तो मिटने ही वाला है, वह सत्य के सामने नहीं टिक सकता।