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सूरह अल-इसरा — आयत 88 (हिन्दी) — वीडियो

अल-इसरा • आयत 88 में से 111 • हिन्दी


قُلْ لَئِنِ اجْتَمَعَتِ الْإِنْسُ وَالْجِنُّ عَلَىٰ أَنْ يَأْتُوا بِمِثْلِ هَٰذَا الْقُرْآنِ لَا يَأْتُونَ بِمِثْلِهِ وَلَوْ كَانَ بَعْضُهُمْ لِبَعْضٍ ظَهِيرًا 88
अनुवाद:
कह दो, "यदि मनुष्य और जिन्न इसके लिए इकट्ठे हो जाएँ कि क़ुरआन जैसी कोई चीज़ लाएँ, तो वे इस जैसी कोई चीज़ न ला सकेंगे, चाहे वे आपस में एक-दूसरे के सहायक ही क्यों न हों।" अल-इसरा १७:८८
तफ़सीर:
(ऐ रसूल) आप कह दीजिए : यदि सभी मनुष्य एवं जिन्न इस बात पर इकट्ठा हो जाएँ कि कोई ऐसी किताब ले आएँ, जो अपनी वाक्पटुता, क्रम व व्यवस्था की सुंदरता और फ़साहत (भाषा की सरलता एवं स्वाभाविकता) में आप पर अवतरित क़ुरआन के समान हो, तो वे ऐसा कभी भी नहीं ला सकेंगे, भले ही वे एक-दूसरे के सहायक और समर्थक बन जाएँ।
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