Landscape MP4 Vertical MP4

सूरह अल-कहफ — आयत 49 (हिन्दी) — वीडियो

अल-कहफ • आयत 49 में से 110 • हिन्दी


وَوُضِعَ الْكِتَابُ فَتَرَى الْمُجْرِمِينَ مُشْفِقِينَ مِمَّا فِيهِ وَيَقُولُونَ يَا وَيْلَتَنَا مَالِ هَٰذَا الْكِتَابِ لَا يُغَادِرُ صَغِيرَةً وَلَا كَبِيرَةً إِلَّا أَحْصَاهَا ۚ وَوَجَدُوا مَا عَمِلُوا حَاضِرًا ۗ وَلَا يَظْلِمُ رَبُّكَ أَحَدًا 49
अनुवाद:
किताब (कर्मपत्रिका) रखी जाएगी तो अपराधियों को देखोंगे कि जो कुछ उसमें होगा उससे डर रहे है और कह रहे है, "हाय, हमारा दुर्भाग्य! यह कैसी किताब है कि यह न कोई छोटी बात छोड़ती है न बड़ी, बल्कि सभी को इसने अपने अन्दर समाहित कर रखा है।" जो कुछ उन्होंने किया होगा सब मौजूद पाएँगे। तुम्हारा रब किसी पर ज़ुल्म न करेगा अल-कहफ १८:४९
तफ़सीर:
और कर्मपत्र रख दिया जाएगा। तो कुछ लोग अपना कर्मपत्र अपने दाएँ हाथ में पकड़े होंगे और कुछ उसे अपने बाएँ हाथ में। और (ऐ इनसान) तुम काफिरों को देखोगे कि जो कुछ उसमें लिखा होगा, उससे डरे हुए होंगे। क्योंकि वे खूब जानते होंगे कि उन्होंने दुनिया में क्या कुफ़्र और पाप किए थे। और वे कहेंगे : हाय हमारा विनाश और हमारा दुर्भाग्य! इस पुस्तक को क्या हुआ है कि हमारे कर्मों में से कोई छोटा या बड़ा नहीं छोड़ा है, मगर उसे संरक्षित कर रखा है और गिन रखा है। और उन्होंने सांसारिक जीवन में जो पाप किए थे, उन्हें लिखा हुआ और अंकित पाएँगे। और (ऐ रसूल) आपका पालनहार किसी पर अत्याचार नहीं करेगा। चुनाँचे वह किसी को बिना पाप के दंड नहीं देगा और न किसी आज्ञाकारी व्यक्ति की नेकी में से कुछ कम करेगा।
X Facebook Minutemailer Stellar WhatsApp Reddit
पूरी सूरह का वीडियो देखें
पूर्व अल-कहफ • आयत 48 अगला अल-कहफ • आयत 50