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सूरह मरयम — आयत 64 (हिन्दी) — वीडियो

मरयम • आयत 64 में से 98 • हिन्दी


وَمَا نَتَنَزَّلُ إِلَّا بِأَمْرِ رَبِّكَ ۖ لَهُ مَا بَيْنَ أَيْدِينَا وَمَا خَلْفَنَا وَمَا بَيْنَ ذَٰلِكَ ۚ وَمَا كَانَ رَبُّكَ نَسِيًّا 64
अनुवाद:
हम तुम्हारे रब की आज्ञा के बिना नहीं उतरते। जो कुछ हमारे आगे है और जो कुछ हमारे पीछे है और जो कुछ इसके मध्य है सब उसी का है, और तुम्हारा रब भूलनेवाला नहीं है मरयम १९:६४
तफ़सीर:
और (ऐ जिबरील!) मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से कह दें : फ़रिश्ते स्वयं नहीं उतरते हैं। बल्कि वे अल्लाह की आज्ञा से उतरते हैं। अल्लाह ही का है जो कुछ हम आख़िरत के मामले से सामना करने वाले हैं, तथा जो हमने इस दुनिया के मामलों से पीछे छोड़ दिया है और जो कुछ इस दुनिया और आख़िरत के बीच है। तथा (ऐ रसूल!) आपका पालनहार कुछ भूलने वाला नहीं है।
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