ऐ ईमान लानेवालो! 'राइना' न कहा करो, बल्कि 'उनज़ुरना' कहा और सुना करो। और इनकार करनेवालों के लिए दुखद यातना है अल-बकरा २:१०४ ⧉
तफ़सीर:
अल्लाह तआला मोमिनों को शब्दों के सही चुनाव के लिए निर्देशित करते हुए कहता है : ऐ ईमान वालो! तुम {रा-इना} (अर्थात् हमारा ध्यान रखिए) शब्द का प्रयोग न करो; क्योंकि यहूदी इसे विकृत कर देते हैं और इसके साथ नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को संबोधित करते हैं, जिससे वे एक ग़लत अर्थ 'रुऊनत' (तुच्छता) मुराद लेते हैं। इसलिए अल्लाह ने इस दरवाज़े को बंद करने के लिए इस शब्द के इस्तेमाल से मना कर दिया और अपने बंदों को आदेश दिया कि उसके स्थान पर {उन्ज़ुरना} कहें; अर्थात् हमारी प्रतीक्षा करें, ताकि हम आपकी बात समझ जाएँ। क्योंकि इस शब्द से बिना किसी ख़राबी के अर्थ पूरा हो जाता है। तथा अल्लाह का इनकार करने वालों के लिए कष्टदायी यातना है।