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सूरह अल-बकरा — आयत 116 (हिन्दी) — वीडियो

अल-बकरा • आयत 116 में से 286 • हिन्दी


وَقَالُوا اتَّخَذَ اللَّهُ وَلَدًا ۗ سُبْحَانَهُ ۖ بَلْ لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۖ كُلٌّ لَهُ قَانِتُونَ 116
अनुवाद:
कहते है, अल्लाह औलाद रखता है - महिमावाला है वह! (पूरब और पश्चिम हीं नहीं, बल्कि) आकाशों और धरती में जो कुछ भी है, उसी का है। सभी उसके आज्ञाकारी है अल-बकरा २:११६
तफ़सीर:
तथा यहूदियों, ईसाइयों और मुश्रिकों ने कहा : अल्लाह ने अपने लिए कोई संतान बना रखी है! अल्लाह इससे पाक एवं पवित्र है। क्योंकि वह अपनी सृष्टि से बेनियाज़ है और संतान तो वह बनाता है, जिसे उसकी आवश्यकता होती है। बल्कि वही महिमावान आकाशों और धरती की सभी चीज़ों का मालिक है। सभी प्राणी उसी महिमावान के दास और उसके अधीन हैं, वह जैसे चाहता है, उनमें व्यवहार करता है।
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