Landscape MP4 Vertical MP4

सूरह अल-बकरा — आयत 28 (हिन्दी) — वीडियो

अल-बकरा • आयत 28 में से 286 • हिन्दी


كَيْفَ تَكْفُرُونَ بِاللَّهِ وَكُنْتُمْ أَمْوَاتًا فَأَحْيَاكُمْ ۖ ثُمَّ يُمِيتُكُمْ ثُمَّ يُحْيِيكُمْ ثُمَّ إِلَيْهِ تُرْجَعُونَ 28
अनुवाद:
तुम अल्लाह के साथ अविश्वास की नीति कैसे अपनाते हो, जबकि तुम निर्जीव थे तो उसने तुम्हें जीवित किया, फिर वही तुम्हें मौत देता हैं, फिर वही तुम्हें जीवित करेगा, फिर उसी की ओर तुम्हें लौटना हैं? अल-बकरा २:२८
तफ़सीर:
ऐ काफ़िरो! तुम्हारा मामला बड़ा अद्भुत है! तुम अल्लाह का इनकार कैसे करते हो, जबकि तुम उसके सामर्थ्य की निशानियाँ खुद अपने अंदर देखते हो; क्योंकि तुम कुछ भी नहीं थे, तो उसने तुम्हें बनाया और जीवन दिया, फिर वह तुम्हें दूसरी मौत देगा, फिर तुम्हें दूसरा जीवन प्रदान करेगा, फिर वह तुम्हें अपनी ओर लौटाएगा, ताकि जो कुछ तुमने किया है उसका तुमसे हिसाब ले।
X Facebook Minutemailer Stellar WhatsApp Reddit
पूरी सूरह का वीडियो देखें
पूर्व अल-बकरा • आयत 27 अगला अल-बकरा • आयत 29