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सूरह अल-मुमिनून — आयत 55 (हिन्दी) — वीडियो

अल-मुमिनून • आयत 55 में से 118 • हिन्दी


أَيَحْسَبُونَ أَنَّمَا نُمِدُّهُمْ بِهِ مِنْ مَالٍ وَبَنِينَ 55
अनुवाद:
क्या वे समझते है कि हम जो उनकी धन और सन्तान से सहायता किए जा रहे है, अल-मुमिनून २३:५५
तफ़सीर:
क्या अपनी स्थिति पर खुश रहने वाले इन दलों के लोग यह सोचते हैं कि हम उन्हें दुनिया के जीवन में जो धन और संतान दे रहे हैं, वह उन्हें जल्दी से प्रदान की जाने वाली भलाई है, जिसके वे हक़दार हैं?! मामला ऐसा नहीं है जो उन्होंने सोचा है।बल्कि वास्तविकता यह है कि हम उन्हें यह सब उन्हें ढील और मोहलत देने की नीति के तहत प्रदान कर रहे हैं। लेकिन उन्हें इसका एहसास नहीं हैं।
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