Landscape MP4 Vertical MP4

सूरह अल-फुरक़ान — आयत 1 (हिन्दी) — वीडियो

अल-फुरक़ान • आयत 1 में से 77 • हिन्दी


تَبَارَكَ الَّذِي نَزَّلَ الْفُرْقَانَ عَلَىٰ عَبْدِهِ لِيَكُونَ لِلْعَالَمِينَ نَذِيرًا 1
अनुवाद:
बड़ी बरकतवाला है वह जिसने यह फ़ुरक़ान अपने बन्दे पर अवतरित किया, ताकि वह सारे संसार के लिए सावधान करनेवाला हो अल-फुरक़ान २५:१
तफ़सीर:
उस अस्तित्व की भलाई बहुत अधिक और बहुल है, जिसने अपने बंदे और रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर सत्य और असत्य के बीच अंतर करने वाला क़ुरआन उतारा, ताकि वह मानव जाति और जिन्न की ओर, उन्हें अल्लाह की यातना से डराने वाला रसूल हो जाए।
X Facebook Minutemailer Stellar WhatsApp Reddit
पूरी सूरह का वीडियो देखें
पूर्व अन-नूर • आयत 64 अगला अल-फुरक़ान • आयत 2