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सूरह अल-फुरक़ान — आयत 19 (हिन्दी) — वीडियो

अल-फुरक़ान • आयत 19 में से 77 • हिन्दी


فَقَدْ كَذَّبُوكُمْ بِمَا تَقُولُونَ فَمَا تَسْتَطِيعُونَ صَرْفًا وَلَا نَصْرًا ۚ وَمَنْ يَظْلِمْ مِنْكُمْ نُذِقْهُ عَذَابًا كَبِيرًا 19
अनुवाद:
अतः इस प्रकार वे तुम्हें उस बात में, जो तुम कहते हो झूठा ठहराए हुए है। अब न तो तुम यातना को फेर सकते हो और न कोई सहायता ही पा सकते हो। जो कोई तुममें से ज़ुल्म करे उसे हम बड़ी यातना का मज़ा चखाएँगे अल-फुरक़ान २५:१९
तफ़सीर:
(ऐ मुश्रिको!) तुम्हारे उन पूज्यों ने, जिनकी तुमने अल्लाह के अलावा पूजा की थी, तुम्हें उसमें झूठा ठहरा दिया, जो तुम उनपर दावा करते हो। अतः तुम अपनी अक्षमता के कारण अपने आपसे न यातना टाल सकते हो और न ही अपनी मदद कर सकते हो। तथा (ऐ मोमिनो!) तुम में से जो व्यक्ति अल्लाह का साझी बनाकर अत्याचार करेगा, हम उसे बहुत बड़ी यातना चखाएँगे, जैसा कि हम ऊपर उल्लिखित लोगों को चखा चुके हैं।
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