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सूरह अल-फुरक़ान — आयत 58 (हिन्दी) — वीडियो

अल-फुरक़ान • आयत 58 में से 77 • हिन्दी


وَتَوَكَّلْ عَلَى الْحَيِّ الَّذِي لَا يَمُوتُ وَسَبِّحْ بِحَمْدِهِ ۚ وَكَفَىٰ بِهِ بِذُنُوبِ عِبَادِهِ خَبِيرًا 58
अनुवाद:
और उस अल्लाह पर भरोसा करो जो जीवन्त और अमर है और उसका गुणगान करो। वह अपने बन्दों के गुनाहों की ख़बर रखने के लिए काफ़ी है अल-फुरक़ान २५:५८
तफ़सीर:
और (ऐ रसूल!) आप अपने सभी मामलों में उस नित्य जीवी पर भरोसा कीजिए, जिसे कभी मौत नहीं आएगी और उसकी प्रशंसा करते हुए हर प्रकार की कमी से उसकी पवित्रता बयान कीजिए। वह अपने बंदों के गुनाहों की पूरी ख़बर रखने के लिए काफ़ी है। उनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है और वह उन्हें उनका बदला देगा।
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