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सूरह अल-फुरक़ान — आयत 70 (हिन्दी) — वीडियो

अल-फुरक़ान • आयत 70 में से 77 • हिन्दी


إِلَّا مَنْ تَابَ وَآمَنَ وَعَمِلَ عَمَلًا صَالِحًا فَأُولَٰئِكَ يُبَدِّلُ اللَّهُ سَيِّئَاتِهِمْ حَسَنَاتٍ ۗ وَكَانَ اللَّهُ غَفُورًا رَحِيمًا 70
अनुवाद:
सिवाय उसके जो पलट आया और ईमान लाया और अच्छा कर्म किया, तो ऐसे लोगों की बुराइयों को अल्लाह भलाइयों से बदल देगा। और अल्लाह है भी अत्यन्त क्षमाशील, दयावान अल-फुरक़ान २५:७०
तफ़सीर:
लेकिन जिसने अल्लाह के सामने तौबा कर ली, ईमान ले आया और अच्छा कर्म किया, जो उसकी सच्ची तौबा को इंगित करता है, तो अल्लाह ऐसे लोगों के बुरे कर्मों को अच्छे कर्मों से बदल देगा। और अल्लाह अपने तौबा करने वाले बंदों के पापों को क्षमा करने वाला और उनपर दया करने वाला है।
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