जो ऐसे हैं कि जब उनके रब की आयतों के द्वारा उन्हें याददिहानी कराई जाती है तो उन (आयतों) पर वे अंधे और बहरे होकर नहीं गिरते। अल-फुरक़ान २५:७३ ⧉
तफ़सीर:
और वे लोग कि जब उन्हें अल्लाह की सुनाई देने योग्य तथा देखने योग्य निशानियों के साथ उपदेश दिया जाता है, तो वे सुनाई देने योग्य निशानियों को सुनने से बहरे नहीं बनते, न ही देखने योग्य निशानियों को देखने से अंधे बनते हैं।