कह दो, "मेरे रब को तुम्हारी कोई परवाह नहीं अगर तुम (उसको) न पुकारो। अब जबकि तुम झुठला चुके हो, तो शीघ्र ही वह चीज़ चिमट जानेवाली होगी।" अल-फुरक़ान २५:७७ ⧉
तफ़सीर:
(ऐ रसूल!) आप कुफ़्र पर अड़े रहने वाले काफ़िरों से कह दें : मेरा पालनहार तुम्हारी परवाह नहीं करता कि उसे तुम्हारे आज्ञापालन से कोई लाभ मिलने वाला है। यदि उसके कुछ बंदे ऐसे न होते, जो उसे इबादत के तौर पर और कुछ माँगने के लिए पुकारते रहते हैं, तो वह तुम्हारी कभी परवाह न करता। क्योंकि रसूल तुम्हारे रब की ओर से तुम्हारे पास जो कुछ लाए हैं, उसमें तुमने रसूल को झुठलाया है। अतः उस झुठलाने का दंड तो तुम्हें मिलकर ही रहेगा।