उसने कहा, "यह ऊँटनी है। एक दिन पानी पीने की बारी इसकी है और एक नियत दिन की बारी पानी लेने की तुम्हारी है अश-शुअरा २६:१५५ ⧉
तफ़सीर:
सालेह अलैहिस्सलाम ने (जिन्हें अल्लाह ने एक निशानी दी थी, जो एक ऊँटनी थी जिसे अल्लाह ने चट्टान से निकाला था) उनसे कहा : यह ऊँटनी है जिसे देखा और छुआ जा सकता है। इसके लिए पानी का एक हिस्सा है, और तुम्हारे लिए भी एक ज्ञात हिस्सा है। यह उस दिन पानी नहीं पिएगी, जिस दिन तुम्हारा हिस्सा है और जिस दिन उसका हिस्सा है, उस दिन तुम पानी नही पिओगे।