Landscape MP4 Vertical MP4

सूरह अश-शुअरा — आयत 67 (हिन्दी) — वीडियो

अश-शुअरा • आयत 67 में से 227 • हिन्दी


إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُمْ مُؤْمِنِينَ 67
अनुवाद:
निस्संदेह इसमें एक बड़ी निशानी है। इसपर भी उनमें से अधिकतर माननेवाले नहीं अश-शुअरा २६:६७
तफ़सीर:
मूसा के लिए समुद्र के फटने, उनके बच निकलने तथा फिरऔन और उसकी जाति के विनाश में, निश्चय मूसा अलैहिस्सलाम की सच्चाई को दर्शाने वाली एक बड़ी निशानी है। और फ़िरऔन के साथ मौजूद अकसर लोग ईमान लाने वाले नहीं थे।
X Facebook Minutemailer Stellar WhatsApp Reddit
पूरी सूरह का वीडियो देखें
पूर्व अश-शुअरा • आयत 66 अगला अश-शुअरा • आयत 68