Landscape MP4 Vertical MP4

सूरह अन-नमल — आयत 3 (हिन्दी) — वीडियो

अन-नमल • आयत 3 में से 93 • हिन्दी


الَّذِينَ يُقِيمُونَ الصَّلَاةَ وَيُؤْتُونَ الزَّكَاةَ وَهُمْ بِالْآخِرَةِ هُمْ يُوقِنُونَ 3
अनुवाद:
जो नमाज़ का आयोजन करते है और ज़कात देते है और वही है जो आख़िरत पर विश्वास रखते है अन-नमल २७:३
तफ़सीर:
जो पूर्णतम तरीक़े से नमाज़ अदा करते हैं, अपने माल की ज़कात निकाल कर उसके हक़दारों को देते हैं, तथा वे आख़िरत के सवाब और सज़ा पर विश्वास रखते हैं।
X Facebook Minutemailer Stellar WhatsApp Reddit
पूरी सूरह का वीडियो देखें
पूर्व अन-नमल • आयत 2 अगला अन-नमल • आयत 4