जिस दिन वह घड़ी आ खड़ी होगी अपराधी क़सम खाएँगे कि वे घड़ी भर से अधिक नहीं ठहरें। इसी प्रकार वे उलटे फिरे चले जाते थे अर-रूम ३०:५५ ⧉
तफ़सीर:
क़ियामत के दिन अपराधी कसमें खाकर कहेंगे कि वे अपनी कब्रों में एक घड़ी से अधिक नहीं ठहरे। जिस तरह वे यह जानने से विचलित कर दिए गए कि वे अपनी क़ब्रों में कितना ठहरे, उसी तरह वे दुनिया में सत्य से फेर दिए जाते थे।