सूरह अस-साफ़्फ़ात — आयत 2 (हिन्दी)
— वीडियो
अस-साफ़्फ़ात • आयत 2 में से 182 • हिन्दी
فَالزَّاجِرَاتِ زَجْرًا
तफ़सीर:
और मैं उन फ़रिश्तों की क़सम खाता हूँ, जो बादलों को डाँटते हैं और उन्हें हाँक कर वहाँ ले जाते हैं, जहाँ अल्लाह उन्हें बरसाना चाहाता है।
पूरी सूरह का वीडियो देखें