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सूरह अस-साफ़्फ़ात — आयत 53 (हिन्दी) — वीडियो

अस-साफ़्फ़ात • आयत 53 में से 182 • हिन्दी


أَإِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًا وَعِظَامًا أَإِنَّا لَمَدِينُونَ 53
अनुवाद:
क्या जब हम मर चुके होंगे और मिट्टी और हड्डियाँ होकर रह जाएँगे, तो क्या हम वास्तव में बदला पाएँगे?" अस-साफ़्फ़ात ३७:५३
तफ़सीर:
क्या जब हम मर गए और हम सड़ी-गली हड्डियाँ हो गए, तो क्या हम अवश्य दोबारा उठाए जाएँगे और हमें हमारे दुनिया में किए हुए कार्यों का बदला दिया जाएगा?
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