फिर उस व्यक्ति से बढ़कर अत्याचारी कौन होगा, जिसने झूठ घड़कर अल्लाह पर थोपा और सत्य को झूठला दिया जब वह उसके पास आया। क्या जहन्नम में इनकार करनेवालों का ठिकाना नहीं हैं? अज़-ज़ुमर ३९:३२ ⧉
तफ़सीर:
उससे बड़ा ज़ालिम कोई नहीं, जो अल्लाह के साथ सहभागी, पत्नी एवं संतान संबंधित करता है, जो उसकी महिमा के योग्य नहीं है। इसी तरह उससे बढ़कर अत्याचारी कोई नहीं, जो उस वह़्य को झुठलाए, जो अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम लेकर आए हैं। क्या अल्लाह का तथा उसके रसूल के लाए हुए संदेश का इनकार करने वालों का ठिकाना और निवास जहन्नम में नहीं है?! क्यों नहीं, निश्चित रूप से उनका ठिकाना और निवास उसी के अंदर है।