Landscape MP4 Vertical MP4

सूरह फुस्सिलत — आयत 49 (हिन्दी) — वीडियो

फुस्सिलत • आयत 49 में से 54 • हिन्दी


لَا يَسْأَمُ الْإِنْسَانُ مِنْ دُعَاءِ الْخَيْرِ وَإِنْ مَسَّهُ الشَّرُّ فَيَئُوسٌ قَنُوطٌ 49
अनुवाद:
मनुष्य भलाई माँगने से नहीं उकताता, किन्तु यदि उसे कोई तकलीफ़ छू जाती है तो वह निराश होकर आस छोड़ बैठता है फुस्सिलत ४१:४९
तफ़सीर:
मनुष्य स्वास्थ्य, धन एवं संतान आदि नेमतें माँगने से नहीं थकता है, लेकिन यदि वह ग़रीबी या बीमारी आदि चीज़ों से ग्रस्त होता है, तो अल्लाह की दया से बहुत निराश और हताश हो जाता है।
X Facebook Minutemailer Stellar WhatsApp Reddit
पूरी सूरह का वीडियो देखें
पूर्व फुस्सिलत • आयत 48 अगला फुस्सिलत • आयत 50