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सूरह अज़-ज़ुखरुफ़ — आयत 34 (हिन्दी) — वीडियो

अज़-ज़ुखरुफ़ • आयत 34 में से 89 • हिन्दी


وَلِبُيُوتِهِمْ أَبْوَابًا وَسُرُرًا عَلَيْهَا يَتَّكِئُونَ 34
अनुवाद:
और उनके घरों के दरवाज़े भी और वे तख़्त भी जिनपर वे टेक लगाते अज़-ज़ुखरुफ़ ४३:३४
तफ़सीर:
और हम उन्हें ढील देने तथा आज़माने के उद्देश्य से, उनके घरों के द्वार बना देते और उनके लिए ऐसे तख़्त बना देते, जिनपर वे तकिया लगाकर बैठते।
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