वे झूठ के लिए कान लगाते रहनेवाले और बड़े हराम खानेवाले है। अतः यदि वे तुम्हारे पास आएँ, तो या तुम उनके बीच फ़ैसला कर दो या उन्हें टाल जाओ। यदि तुम उन्हें टाल गए तो वे तुम्हारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते। परन्तु यदि फ़ैसला करो तो उनके बीच इनसाफ़ के साथ फ़ैसला करो। निश्चय ही अल्लाह इनसाफ़ करनेवालों से प्रेम करता है अल-माइदा ५:४२ ⧉
तफ़सीर:
ये यहूदी झूठी बातें बहुत सुनते हैं, सूद की तरह हराम धन बहुत खाते हैं। अतः यदि वे (ऐ रसूल!) आपके पास फ़ैसला करवाने के लिए आएँ, तो अगर आप चाहें, तो उनके बीच निर्णय कर दें, या अगर आप चाहें, तो उनके बीच फ़ैसला न करें। आपके पास दोनों के बीच एक विकल्प है। यदि आप उनके बीच फैसला न करें, तो वे आपको कुछ भी नुक़सान नहीं पहुँचा पाएँगे, और यदि आप उनके बीच निर्णय करें, तो उनके बीच न्याय के साथ निर्णय करें, भले ही वे अत्याचारी और दुश्मन हों। निःसंदेह अल्लाह ऐसे लोगों से प्रेम करता है, जो अपने फ़ैसले में न्याय करने वाले हैं, भले ही फ़ैसले के लिए आने वाले फ़ैसला करने वाले के दुश्मन हों।