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सूरह अल-माइदा — आयत 77 (हिन्दी) — वीडियो

अल-माइदा • आयत 77 में से 120 • हिन्दी


قُلْ يَا أَهْلَ الْكِتَابِ لَا تَغْلُوا فِي دِينِكُمْ غَيْرَ الْحَقِّ وَلَا تَتَّبِعُوا أَهْوَاءَ قَوْمٍ قَدْ ضَلُّوا مِنْ قَبْلُ وَأَضَلُّوا كَثِيرًا وَضَلُّوا عَنْ سَوَاءِ السَّبِيلِ 77
अनुवाद:
कह दो, "ऐ किताबवालो! अपने धर्म में नाहक़ हद से आगे न बढ़ो और उन लोगों की इच्छाओं का पालन न करो, जो इससे पहले स्वयं पथभ्रष्ट हुए और बहुतो को पथभ्रष्ट किया और सीधे मार्ग से भटक गए अल-माइदा ५:७७
तफ़सीर:
(ऐ रसूल!) आप ईसाइयों से कह दें : तुम्हें सत्य का अनुसरण करने का जो आदेश दिया गया है, उसमें सीमा से आगे न बढ़ो, तथा तुम्हें जिनके सम्मान का हुक्म दिया गया है (जैसे कि नबी गण), उनका सम्मान करने में अतिशयोक्ति न करो कि उनके बारे में ईश्वरत्व की आस्था रखने लगो, जैसा कि तुमने ईसा बिन मरयम के साथ किया। तुमने ऐसा अपने उन पथभ्रष्ट पूर्वजों का अनुसरण करने के कारण किया है, जिन्होंने बहुत-से लोगों को सीधे मार्ग से भटकाया और खुद भी सत्य के मार्ग से भटक गए।
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