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सूरह अज़-ज़ारियात — आयत 18 (हिन्दी) — वीडियो

अज़-ज़ारियात • आयत 18 में से 60 • हिन्दी


وَبِالْأَسْحَارِ هُمْ يَسْتَغْفِرُونَ 18
अनुवाद:
और वही प्रातः की घड़ियों में क्षमा की प्रार्थना करते थे अज़-ज़ारियात ५१:१८
तफ़सीर:
तथा रात की आखिरी घड़ियों में अल्लाह से अपने गुनाहों की क्षमा माँगते थे।
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