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सूरह अज़-ज़ारियात — आयत 47 (हिन्दी) — वीडियो

अज़-ज़ारियात • आयत 47 में से 60 • हिन्दी


وَالسَّمَاءَ بَنَيْنَاهَا بِأَيْدٍ وَإِنَّا لَمُوسِعُونَ 47
अनुवाद:
आकाश को हमने अपने हाथ के बल से बनाया और हम बड़ी समाई रखनेवाले है अज़-ज़ारियात ५१:४७
तफ़सीर:
और आकाश को हमने बनाया और उसके निर्माण को शक्ति के साथ मज़बूत किया और निश्चय हम उसके किनारों को विस्तारित करने वाले हैं।
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