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सूरह अल-क़मर — आयत 10 (हिन्दी) — वीडियो

अल-क़मर • आयत 10 में से 55 • हिन्दी


فَدَعَا رَبَّهُ أَنِّي مَغْلُوبٌ فَانْتَصِرْ 10
अनुवाद:
अन्त में उसने अपने रब को पुकारा कि "मैं दबा हुआ हूँ। अब तू बदला ले।" अल-क़मर ५४:१०
तफ़सीर:
तो नूह अलैहिस्सलाम ने अपने पालनहार से प्रार्थना करते हुए कहा : मेरी जाति के लोग मुझपर हावी हो गए और मेरे आह्वान को स्वीकार नहीं किए। अतः तू उनपर सज़ा उतारकर मेरा बदला ले।
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