उन्होंने झुठलाया और अपनी इच्छाओं का अनुसरण किया; किन्तु हर मामले के लिए एक नियत अवधि है। अल-क़मर ५४:३ ⧉
तफ़सीर:
और उन्होंने मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के लाए हुए सत्य को झुठला दिया और इस झुठलाने में उन्होंने अपनी इच्छाओं का पालन किया। और हर चीज़ (चाहे अच्छी हो या बुरी) क़ियामत के दिन उसके हक़दार को मिलकर रहेगी।