Landscape MP4 Vertical MP4

सूरह अल-क़मर — आयत 30 (हिन्दी) — वीडियो

अल-क़मर • आयत 30 में से 55 • हिन्दी


فَكَيْفَ كَانَ عَذَابِي وَنُذُرِ 30
अनुवाद:
फिर कैसी रही मेरी यातना और मेरे डरावे? अल-क़मर ५४:३०
तफ़सीर:
तो (ऐ मक्का वालो!) ग़ौर करो कि उनके लिए मेरी यातना कैसी थी?! और मेरा उनकी यातना से अन्य लोगों को सावधान करना कैसा था?!
X Facebook Minutemailer Stellar WhatsApp Reddit
पूरी सूरह का वीडियो देखें
पूर्व अल-क़मर • आयत 29 अगला अल-क़मर • आयत 31