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सूरह अल-क़मर — आयत 5 (हिन्दी) — वीडियो

अल-क़मर • आयत 5 में से 55 • हिन्दी


حِكْمَةٌ بَالِغَةٌ ۖ فَمَا تُغْنِ النُّذُرُ 5
अनुवाद:
किन्तु चेतावनियाँ उनके कुछ काम नहीं आ रही है! - अल-क़मर ५४:५
तफ़सीर:
उनके पास जो कुछ आया, वह पूर्णतया हिकमत है, ताकि उनके खिलाफ तर्क स्थापित हो जाए। परंतु चेतावनियाँ उन लोगों को लाभ नहीं पहुँचातीं, जो अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान नहीं रखते हैं।
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