Landscape MP4 Vertical MP4

सूरह अल-वाक़िया — आयत 83 (हिन्दी) — वीडियो

अल-वाक़िया • आयत 83 में से 96 • हिन्दी


فَلَوْلَا إِذَا بَلَغَتِ الْحُلْقُومَ 83
अनुवाद:
फिर ऐसा क्यों नहीं होता, जबकि प्राण कंठ को आ लगते है अल-वाक़िया ५६:८३
तफ़सीर:
फिर क्यों नहीं जब रूह (आत्मा) गले को पहुँचती है।
X Facebook Minutemailer Stellar WhatsApp Reddit
पूरी सूरह का वीडियो देखें
पूर्व अल-वाक़िया • आयत 82 अगला अल-वाक़िया • आयत 84