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सूरह अल-हश्र — आयत 20 (हिन्दी) — वीडियो

अल-हश्र • आयत 20 में से 24 • हिन्दी


لَا يَسْتَوِي أَصْحَابُ النَّارِ وَأَصْحَابُ الْجَنَّةِ ۚ أَصْحَابُ الْجَنَّةِ هُمُ الْفَائِزُونَ 20
अनुवाद:
आगवाले और बाग़वाले (जहन्नमवाले और जन्नतवाले) कभी समान नहीं हो सकते। बाग़वाले ही सफ़ल है अल-हश्र ५९:२०
तफ़सीर:
जहन्नम वाले और जन्नत वाले बराबर नहीं हो सकते। बल्कि जैसे दुनिया में उनके कर्म अलग-अलग थे, वैसे ही आख़िरत में उनके प्रतिफल अलग-अलग होंगे। जन्नत वाले लोग ही अपनी इच्छित चीज़ों को प्राप्त करने और अपने भय की चीज़ों से बचने में सफल लोग हैं।
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