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सूरह अल-हक्का — आयत 41 (हिन्दी) — वीडियो

अल-हक्का • आयत 41 में से 52 • हिन्दी


وَمَا هُوَ بِقَوْلِ شَاعِرٍ ۚ قَلِيلًا مَا تُؤْمِنُونَ 41
अनुवाद:
वह किसी कवि की वाणी नहीं। तुम ईमान थोड़े ही लाते हो अल-हक्का ६९:४१
तफ़सीर:
यह किसी कवि की वाणी नहीं है। क्योंकि यह कविता के रूप में नहीं है। तुम बहुत कम ईमान लाते हो।
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