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सूरह अल-अराफ़ — आयत 162 (हिन्दी) — वीडियो

अल-अराफ़ • आयत 162 में से 206 • हिन्दी


فَبَدَّلَ الَّذِينَ ظَلَمُوا مِنْهُمْ قَوْلًا غَيْرَ الَّذِي قِيلَ لَهُمْ فَأَرْسَلْنَا عَلَيْهِمْ رِجْزًا مِنَ السَّمَاءِ بِمَا كَانُوا يَظْلِمُونَ 162
अनुवाद:
किन्तु उनमें से जो अत्याचारी थे उन्होंने, जो कुछ उनसे कहा गया था, उसको उससे भिन्न बात से बदल दिया। अतः जो अत्याचार वे कर रहे थे, उसके कारण हमने आकाश से उनपर यातना भेजी अल-अराफ़ ७:१६२
तफ़सीर:
उनमें से अत्याचारियों ने, उस बात को बदल दिया जिसका उन्हें आदेश दिया गया था। चुनाँचे उन्होंने क्षमा का अनुरोध करने के बजाय "दाना बाली में" कहा। तथा उन्होंने उस कार्य को को भी बदल दिया जिसका उन्हें आदेश दिया गया था। चुनाँचे वे अल्लाह के लिए विनम्रता अपनाते हुए, अपने सिर को झुकाए हुए प्रवेश करने के बजाय अपनी पीठ के बल घिसटते हुए दाखिल हुए। अतः हमने उनके अत्याचार के कारण, उनपर आकाश से एक यातना भेज दी।
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