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सूरह अल-अराफ़ — आयत 86 (हिन्दी) — वीडियो

अल-अराफ़ • आयत 86 में से 206 • हिन्दी


وَلَا تَقْعُدُوا بِكُلِّ صِرَاطٍ تُوعِدُونَ وَتَصُدُّونَ عَنْ سَبِيلِ اللَّهِ مَنْ آمَنَ بِهِ وَتَبْغُونَهَا عِوَجًا ۚ وَاذْكُرُوا إِذْ كُنْتُمْ قَلِيلًا فَكَثَّرَكُمْ ۖ وَانْظُرُوا كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الْمُفْسِدِينَ 86
अनुवाद:
"और प्रत्येक मार्ग पर इसलिए न बैठो कि धमकियाँ दो और उस व्यक्ति को अल्लाह के मार्ग से रोकने लगो जो उसपर ईमान रखता हो और न उस मार्ग को टेढ़ा करने में लग जाओ। याद करो, वह समय जब तुम थोड़े थे, फिर उसने तुम्हें अधिक कर दिया। और देखो, बिगाड़ पैदा करनेवालो का कैसा परिणाम हुआ अल-अराफ़ ७:८६
तफ़सीर:
और प्रत्येक मार्ग पर इस कारण न बैठो कि उसपर चलने वाले लोगों को धमकाओ ताकि उनका धन लूट लो, तथा उस व्यक्ति को अल्लाह के धर्म से रोक दो जो उससे मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहे। तुम्हारी इच्छा है कि अल्लाह का मार्ग टेढ़ा हो ताकि लोग उसपर न चलें। तथा अपने ऊपर अल्लाह की नेमत को याद करो, ताकि तुम उसपर उसका शुक्र अदा करो। क्योंकि तुम्हारी संख्या कम थी, तो उसने तुम्हें अधिक कर दिया। तथा विचार करो कि तुमसे पहले घरती में बिगाड़ पैदा करने वालों का परिणाम कैसा हुआ। निश्चय उनका परिणाम तबाही और विनाश था।
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