"ऐ मेरे रब! मुझे क्षमा कर दे और मेरे माँ-बाप को भी और हर उस व्यक्ति को भी जो मेरे घर में ईमानवाला बन कर दाख़िल हुआ और (सामान्य) ईमानवाले पुरुषों और ईमानवाली स्त्रियों को भी (क्षमा कर दे), और ज़ालिमों के विनाश को ही बढ़ा।" नूह ७१:२८ ⧉
तफ़सीर:
ऐ मेरे पालनहार! मेरे पापों को क्षमा कर दे, और मेरे माता-पिता को क्षमा कर दे, और मेरे घर में मोमिन बन कर दाख़िल होने वाले को क्षमा कर दे, और ईमान वाले पुरुषों और ईमान वाली स्त्रियों को भी क्षमा कर दे। तथा कुफ़्र और पापों के द्वारा अपने ऊपर अत्याचार करने वालों को विनाश और हानि ही में बढ़ा।