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सूरह अल-मुज़्ज़म्मिल — आयत 10 (हिन्दी) — वीडियो

अल-मुज़्ज़म्मिल • आयत 10 में से 20 • हिन्दी


وَاصْبِرْ عَلَىٰ مَا يَقُولُونَ وَاهْجُرْهُمْ هَجْرًا جَمِيلًا 10
अनुवाद:
और जो कुछ वे कहते है उसपर धैर्य से काम लो और भली रीति से उनसे अलग हो जाओ अल-मुज़्ज़म्मिल ७३:१०
तफ़सीर:
और ये झुठलाने वाले जो उपहास और अपशब्द कहते हैं, उनपर सब्र करें और बिना किसी नुक़सान के उन्हें छोड़ दें।
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