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सूरह अल-क़ियामह — आयत 20 (हिन्दी) — वीडियो

अल-क़ियामह • आयत 20 में से 40 • हिन्दी


كَلَّا بَلْ تُحِبُّونَ الْعَاجِلَةَ 20
अनुवाद:
कुछ नहीं, बल्कि तुम लोग शीघ्र मिलनेवाली चीज़ (दुनिया) से प्रेम रखते हो, अल-क़ियामह ७५:२०
तफ़सीर:
हरगिज़ नहीं, मामला वैसा नहीं है, जैसा तुमने मरणोपरांत पुनर्जीवित होने की असंभवता का दावा किया है। क्योंकि तुम खुद जानते हो कि जो तुम्हें शुरुआत में पैदा करने में सक्षम है, वह तुम्हारी मृत्यु के बाद तुम्हें पुनर्जीवित करने में असमर्थ नहीं होगा। लेकिन तुम्हारे मरणोपरांत पुनर्जीवित होकर उठने के इनकार का कारण इस नश्वर दुनिया से तुम्हारा प्यार है।
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