Landscape MP4 Vertical MP4

सूरह अल-मुरसिलात — आयत 31 (हिन्दी) — वीडियो

अल-मुरसिलात • आयत 31 में से 50 • हिन्दी


لَا ظَلِيلٍ وَلَا يُغْنِي مِنَ اللَّهَبِ 31
अनुवाद:
जिसमें न छाँव है और न वह अग्नि-ज्वाला से बचा सकती है अल-मुरसिलात ७७:३१
तफ़सीर:
उसमें न छाया की ठंडक होगी और न वह तुमसे आग की लपट और उसकी गर्मी को रोक सकेगी।
X Facebook Minutemailer Stellar WhatsApp Reddit
पूरी सूरह का वीडियो देखें
पूर्व अल-मुरसिलात • आयत 30 अगला अल-मुरसिलात • आयत 32